कोलार गोल्ड फील्ड (KGF) का इतिहास और इस से जुडी महत्वपूर्ण बातें Kolar Gold Fields History Real Story Hindi

नमस्कार दोस्तों! जैसा ही हम जानते है की साउथ की सबसे बड़ी हिट फिल्म KGF (कोलर गोल्ड फील्ड) जगह आधारित है। िजसे लोगों ने बड़ा ही पसंद किया है अब इसका दूसरा भाग KGF Chapter 2 भी जल्दी ही आने वाला है। जिसका पोस्टर 21 दिसंबर को रिलीज़ हुआ है। लेकिन क्या आप KGF की असली कहानी इतिहास जानते है। तो आइये जानते है Kolar Gold Fields History Real Story Hindi और इस से जुडी कुछ मजेदार बातों के बारे में।

कोलार गोल्ड फील्ड कहाँ है

कर्नाटक के बेंगलुरु से लगभग 50 किलोमीटर दूर कोलार गोल्ड फील्ड स्तिथ है। जो भारत की सबसे पुरानी सोने की खान है। यहां से 1900 से 2001 के बीच लगभग 800 टन सोना निकाला जा चुका है। 2001 के आसपास सोने का उत्पादन होना कम हो गया इस कारण इसे बंद कर दिया गया।

KGF दुनिया की सबसे गहरी खदानों में से एक है। 1980 ओर 90 के दशकों में इसकी खुदाई धरती की सतह से 3 किलोमीटर गहरी की गई थी। यहां पर अब लगभग 1,70,000 लोग रह रहे हैं। जो आर्थिक तौर से बहुत गरीब हैं।

यहाँ सबसे पहले पहली शताब्दी में सोने के लिए खुदाई शुरू की गई थी। जो कई दशकों तक चलती रही। यह साउथ शासकों का मुख्य आय का स्रोत था। 

Kolar Gold Fields (KFG) History in Hindi

1864 के ब्रिटिश शासन में जब ब्रिटिश ऑफिसर मिशेल अफलेबेला को पता चला कि यहां बहुत सारी सोने की खान है। तो उसने ये बात अपने बड़े ऑफिसर को बताई। जिसके कारण वहाँ पर ब्रिटिश सरकार ने जॉन टेलर एंड संस कंपनी को लगा दिया सोना निकलने के लिऐ।

इसके बाद इसकी जिम्मेदारी डोनाल्ड रोबर्टसन ने ली सोने का उत्पादन और बढ़ाने के लिए। जिसके लिए उन्होंने गोल्ड माइनिंग मशीन लगा दी। अब मशीन को चलाने के लिए बिजली की जरूरत पड़ती थी। इसलिए उन्होंने हैड्रॉएलेक्ट्रिनिक प्लांट लगाना पड़ा। बिजली की आपूर्ति को पूरा करने के लिए। 

जिसकी वजह से भारत पहला देश बन गया जो हैड्रॉएलेक्ट्रिनिक प्लांट प्रयोग करता है और साथ ही एशिया का दूसरा देश जो बिजली का प्रयोग करता है। इससे पहले पूरे एशिया में जापान बिजली का प्रयोग करता था। 

आज के समय में हम इस हैड्रॉएलेक्ट्रॉनि प्लांट को कावेरी इलेक्ट्रिक पावर प्लांट के नाम से जानते है। जब इस प्लांट से बिजली का उत्पादन होना शुरू हुवा। जो जरूरत से ज्यादा था। इसलिए इसकी बिजली को आस पास के शहरों को दे दिया। और कोलार देश का पहला शहर बना जिसे बिजली मिली। 

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Little England

ब्रिटिश शासन में यहां बहुत सारे ब्रिटिश और एंग्लोइंडियन रहा करते थे। जिससे इसको Little England भी कहा जाता था। क्योंकि यहां का रहन- सहन वातावरण इंग्लैंड से बहुत मिलता जुलता था।एंग्लोइंडियन उनको कहा जाता है। जो होते तो ब्रिटिश है पर उनका जन्म भारत में हुवा हो। 

यहां पर सबसे पहले राज हुवा करता था गंगास का इसके बाद चोलास का उसके बाद द होइसलास का उसके बाद निज़ाम ऑफ हैदराबाद ओर फिर हैदर अली का उसके बाद ब्रिटिश इंडिया का।

जब भारत आजाद हुआ तो हमारे पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने इसे गिरवी रख दिया वर्ल्ड बैंक से लोन लेने के लिए। 

ये था कोलार का इतिहास और इसके इतिहास से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें। 2017 में सरकार ने घोषणा की थी कि कोलार की माइंस दुबारा शुरू की जाये गी। अगर ऐसा है तो शायद कोलार की दशा कुछ बेहतर होगी वहां के लोगो में कुछ बेरोजगारी दूर होगी। 

Kgf Chapter 2 First Look


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7 thoughts on “कोलार गोल्ड फील्ड (KGF) का इतिहास और इस से जुडी महत्वपूर्ण बातें Kolar Gold Fields History Real Story Hindi”

  1. बहुत सुंदर ज्ञान वर्धक
    इसका फ़िल्म की कहानी से कोई लेना देना नही था

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