कहानियाँ जो जोश जगा दें – Short Motivational Stories in Hindi with Moral

नमस्कार, दोस्तों आज हंम आपके साथ शेयर करने जा रहे कुछ “Short Motivational Stories in Hindi with Moral” क्योंकि जिंदगी के उतार चढ़ाव में अक्सर हंम कमजोर पड़ जातें है। किसी काम में मन नहीं लगा पाते, एक तरफ से अंदर का जोश खत्म हो जाता है। ऐसी स्तिथि में हमें साहसी और वीर महापुरषों की किस्से कहानियाँ प्रेरित करती है। अपनी जिंदगी को एक नए सिरे से जीने के लिए। इसलिए जीवन में प्रेरणा बहुत जरूरी है। जो हमें किसी भी वस्तु से मिल सकती है। तो पढ़िए ऐसे ही कुछ प्रेरणादायक कहानियाँ किस्से जो आपकी सोच बदलने या बेहतर बनाने में कारगर साबित होंगे।

अहंकारी लड़का – Short Motivational Stories in Hindi with Moral

यह कहानी एक ऐसे लड़के की है। जो बहुत अहंकारी था वो न किसी से सीधे मुँह बात करता था। जो मन में आये वही बोल देता था। लड़के के इस स्वभाव के कारण हर कोई दुखी था। उसके माँ बाप भी अपने बेटे के व्यवहार से दुखी थे। उन्होंने अपने बेटे को बहुत समझया की सब के साथ अच्छे से व्यहवार करे। पर लड़के ने अपने माँ बाप की एक ना सुनी। वह अपने व्यहवार के चलते हर रोज किसी न किसी से झगड़ा करता। सब लोग उसके इस व्यहवार से परेशान थे। 

उसके पिता एक बार बहुत बीमार हो गए। उसने अपने बेटे को बुलाया और कहा। की बेटा क्या पता में इस बीमार से निकल पाऊ या नही। पर मेरी एक आखरी ख्वाइश है। उससे पूरा जरूर कर दे। बेटे को पिता की हालत देख कर तरश आ गई ओर उसने पिता की ख्वाइश को पूरा करने का वचन दे दिया। पिता ने उससे एक किलों का थैला दिया और कहा कि बेटा अपने खेत में एक बड़ा सा लकड़ी का टुकड़ा पड़ा है। तुम्हे हर रोज जाना है और उसमें एक किल रोज गाढ़ देनी है। लड़के ने अपने पिता की बात मानते हुये। हर रोज एक – एक कर के सभी कीलें गाड़ दी ओर पिता से कहा कि मैंने जैसा आपने कहा था वैसा ही किया।

फिर पिता बोले कि बेटा अभी मेरा काम पूरा नही हुवा है। अब उन सभी किलों को निकाल लाओ। लड़के ने अपने पिता की आज्ञानुसार सभी किले निकाल कर पिता को दे दी। पिता ने कहा कि बेटा अब लकड़ी के टुकड़े की कैसी हालात है। लड़के ने कहा पिताजी की  लकड़ी के टुकड़े में कीलें गाढ़ने के कारण लकड़ी में किलों के छेद हो गए हैं।

पिता ने अपने बेटे के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा कि बेटा जिस प्रकार लकड़ी में आये हुए निशान साफ नही हो सकते उसी प्रकार निकले हुए वचन वापिस नही हो सकते। अगर ये वचन अच्छे होंगे तो दवा का काम करे गे। अगर ये बुरे होंगे तो घाव देंगे। इसलिए तुम सभी के साथ अच्छे से पेश आया करो। रिस्ते बनाने में सालों लग जाती हैं। पर उन्हें तोड़ने में एक पल ही काफी होता है। ओर टूटे हुए रिस्ते बड़ी तकलीफ देते हैं। बेटा अपने पिता की सिख से सब समझ गया। ओर पिता से वचन दिया कि आज के बाद सब से अच्छा व्यहवार करे गा।

प्रेरणा – इस कहानी से हमें ये सिख मिलती है की जुबान से निकले हुए बोल धनुष से निकले तीर के समान है। जैसे बोल होंगे, वे वैसा ही असर दिखाएंगे आपके व्यहवार पर आपके जीवन पर।

हार मौत है, कोशिश जिंदगी

short motivational stories in hindi

एक छोटे से राज्य का एक राजा था। उसके पास सेना का अभाव था। इस कारण वह थोड़ा कमजोर था। पास के राज्य के राजा नें उसकी इसी कमजोरी का फायदा उठाना चाहा। इसलिए उसने उस पर आक्रमण कर दिया और उसका राज्य छीन लिया। राजा को अपनी सेना के अभाव के कारण हार का सामना करना पड़ा। ओर वह अपना सब हार कर जंगलों में चला गया। पास के राजा ने उसका सब छीन लिया था।

राजा कुछ दिनों तक जंगलों में पागलों की तरह भटकता रहा। फिर उसने अपनी एक सेना बनाई अपना राज्य वापिस पाने के लिए फिर युद्व किया, पर वह दुबारा फिर हार गया। उसने कुछ समय बाद फिर सेना को तैयार कर के दूसरे राजा हो हराना चाहा। पर फिर भी वह उसे हरा नही पाया। राजा इतनी बार हार कर अंदर से टूट चुका था,उसने अपने राज्य को वापिस पाने की उम्मीद खो दी। ओर जंगलों में भटकने लगा। 

एक दिन राजा एक पेड़ के नीचे बैठा विश्राम कर रहा था। तभी उसकी नज़र एक चींटी पर पड़ी जो एक पेड़ पर चढ़ने की कोशिश कर रही थी। वह बार-बार पेड़ पर चढ़ती ओर हर बार गिर जाती। पर वह कोशिश करती रही। राजा उसे एकटक हो कर देख रहा था। ओर आखिरकार चींटी पेड़ पर चढ़ गई। राजा को चींटी के साहस को देख कर बहुत बड़ी प्रेरणा मिली। उसके अंदर दुबारा लड़ने की उम्मीद जगी। राजा ने फिर अपने राज्य को पाने के लिए एक सेना तैयार की । ओर फिर उस राजा से युद्ध किया। आखिरकार राजा की जीत हुई। ओर उससे अपना राज्य पूर्ण समान के साथ वापिस मिल गया।

Moral – इस कहानी से हमें यह प्रेरणा मिलती है। कि जिंदगी में चाहे कितनी भी मुश्किलें क्यों ना आएं। पर हमें हार नही माननी चाहिए।

बुराई कहीं भी हो, हमेशा नुकसान पहुंचती है।

short motivational stories in hindi

यह कहानी दो कवुओं की है जो हमेशा एक दुसरे के साथ रहते थे। उनमें से एक कोवा बहुत चालक ओर दुष्ट था। जबकि दूसरा नेक ओर सीदा-सादा। एक बार जब वे एक पेड़ पर बैठे थे। उसी पेड़ के नीचे एक यात्री आराम कर रहा था, सो रहा था।  चलाक कौवे ने जानबूझकर आदमी के कपड़ों पर बीट कर कर दी। ओर उड़ गया दूसरा कोवा वही बैठा रह गया। जब आदमी उठा और उसने देखा कि उसके कपड़े बीट से खराब हो चुके हैं। उसे बड़ा गुस्सा आया और उसने अपने ऊपर बैठे कौवे को देख कर पत्थर उठाकर मारा। पत्थर सीदा कौवे को लगा और वह निर्दोष होते हुए भी मर गया।

प्रेरणा – इस कहानी से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि दुष्ट व्यक्ति से मित्रता हमेशा खतरनाक होती है। हमें नुकसान पहुंचाती है। अंतः दुष्ट और बुरे व्यक्ति से मित्रता कभी नही करनी चाहिए।

समस्यां सोचने से नहीं, करने से दूर होती है

short motivational stories in hindi with moral

एक बार की बात है। एक आदमी अपनी गाड़ी से कहीं जा रहा था। कुछ दूर चलते ही किसी सुनसान जगह पर एक नदी के पुल पर उसकी गाड़ी खराब हो गयी। उसने नीचे उत्तर कर देखा तो उसकी गाड़ी का एक टायर पंक्चर हो चुका था। आदमी ने झट से अपना जेक निकाला और जल्दी जल्दी में टायर बदलने लगा। जैसे ही उसने टायर के पेंच खोले ओर टायर को रिम से बाहर निकलना चाहा।

तभी उसका पाँव पास रखे पेंचों पर लगा और वे नदी में जा गिरे। आदमी ये देख कर बहुत परेशान हुवा उससे बहुत गुस्सा चढ़ गया। उससे कुछ समझ में नही आ रहा था कि वो आखिर क्या करे।  आस-पास सुनसान इलाके की वजह से उसे कोई मदद भी नही दिखाई दे रही थी। कुछ देर बाद उसे एक किसान को आते हुये देखा। उसने सोचा कि आखिर ये किसान मेरी क्या मदद कर सकता। जब किसान पास आया तो उसने उस आदमी को दुखी और परेशान देख कर खुद की पूछ लिया। 

क्या हुवा साहब? आदमी नें बड़े गुस्से की आवाज़ में “तुम्हे दिख नही रहा” मेरी गाड़ी का टायर पंचर हो गया है ओर इसके टायर के नट-बोल्ट टायर को बदलते वक़्त नदी में जा गिरे। बोलो अब, क्या मेरी मदद कर सकते हो। ला सकते हो मेरे लिए नट बोल्ट आदमी नें गुस्से के स्वर में कहा। किसान ने मुस्कुराते हुवे जवाब दिया। साहब ! मेरे पास आपकी गाड़ी के लिए नट बोल्ट तो नही है। पर आपकी परेशानी का हल जरूर है, पास ही के एक गांव में कुछ 10 किलोमीटर दूर एक मैकेनिक है। वहां तक आप अपनी गाड़ी को ले जाने के लिए बाकी के टायरों में से एक – एक नट बोल्ट निकाल लें तो आपका ये टायर भी चल पड़े गा वहाँ तक। 

आदमी ने झट से किसान की तरफ देखा बड़े ही आश्चर्यजनक स्वभाव से, ओर सोच की ये बात तो उसने सोची ही नहीं। कितना आसान और अच्छा तरीका था ये मेरी परेशानी को हल करने का। उसने किसान से गुस्से में बात करने पर माफी मांगी और कहा आपने तो कभी गाड़ी भी नही चलाई। आपके दिमाक में इतना अच्छा विचार कैसे आया। किसान ने हंस कर जवाब दिया कि आप परेशानी को देख कर घबरा रहे थे और डर रहे थे। में इस परेशानी को देख कर सिर्फ इसका हल ढूंढ रहा था। बस यही फर्क था आपकी ओर मेरी नज़र में।

प्रेरणा – जिंदगी में कितनी भी बडी प्रॉब्लम क्यों ना आये। हमें अपने आप पर से अपना नियंत्रण खोना नही चाहिए। बल्कि उस समस्या का समाधान ढूंढना चाहिए। हम आसानी से उस समस्या और हल कर देंगे।

आप कहानियाँ वीडियो से भी देख सकते है

Short Motivational Story

Leave a Comment