वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) का पूरा इतिहास – World Wide Web History In Hindi

गूगल ने अपना डूडल आज वर्ल्ड वाइड वेब (www) की 30वीं सालगिरह को समर्पित किया है। जिसने इंटरनेट की दुनिया में लोगों को जोड़ने में और किसी बी वेबसाइट को आसानी से एक्सेस करने में बहुत बड़ा बदलाव किया है। आइये जानते है वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) का इतिहास और उस से जुडी कुछ रोचक बातें।

WWW (World Wide Web) Kya Hai – वर्ल्ड वाइड वेब क्या है।

World Wide Web Kya Hai

जब हम किसी भी text लिंक पर click करते हैं तो वर्ल्ड वाइड वेब (www) हमें html ( हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज) की मदद से लिंक के साथ जोड़ा गया वेब एड्रेस पर आसानी से पहुंचने में मदद करता है।

इसी की मदद से हम फोटो ,वीडियो, वेबसाइट या वेबसाइट पेज को आसानी से एक्सेस कर पाते है। वर्ल्ड वाइड वेब को हम अब वेब के नाम से भी जानते है।

World Wide Web History In Hindi – वर्ल्ड वाइड वेब का इतिहास

World Wide Web History Hindi

वर्ल्ड वाइड वेब का अविष्कार1989 में स्विट्ज़रलैंड के शोधकर्ता टीम बेर्नेर्स ने किया। टीम बर्नर का शुरू से ही टेक्नोलॉजी से बहुत लगाव था। अपनी ग्रेजुएशन ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय से करने के बाद इन्होने CERN में सॉफ्वेयर इंजीनियर के पद पर कार्यवस्त हुए।

जो की स्विट्ज़रलैंड की बहुत बड़ी फिजिक्स प्रयोगशाला है। जहां पर दुनिया के बहुत वैज्ञानिक आते थे। जब टीम ने देखा की उन्हें अपनी जानकारी साँझा करने में बहुत दिक्कत आ रही है। तो उन्होंने इसके लिए कुछ नया बनाने की तरकीब सोची।

जिससे लोग पूरी दुनिया में किसी भी कंप्यूटर या वेबसाइट से जानकारी आसानी से एक दूसरे के साथ साँझा कर सके।

आपको जानकर हैरानी होगी की जब टीम ने वर्ल्ड वाइड वेब की पेशकश CERN में की तो उनकी इस प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं दी गयी।

पर माइक ने उन्हें इस प्रोजेक्ट पर और काम करने के लिए प्रोत्साहन दिया। तब माइक stevejob के शुरुवाती प्रोजेक्ट “Next” के लिए काम कर रहे थे।

1990 में टीम ने 3 टेक्नोलॉजी का अविष्कार किया। जिन्होंने इंटरनेट की दुनिया का रूप ही बदल दिया। ये टेक्नोलॉजी थी
HTML – Hypertext Markup Language
URL – Uniform Resource Locator
HTTP – Hyper Text Transfer protocol
और उन्होंने पहला WEB पेज भी बनाया

1990 में वर्ल्ड वाइड वेब यानी वेब यानी WWW का यूज़ CERN में किया जाने लगा। और 1991 में इसे पुरे वर्ल्ड के लिए खोल दिया गया।

अपनी जानकारी साँझा करने के लिए एक नए विकसित और कामयाब तरिके से। 1992 में इलेनॉइस विश्वविद्यालय ने अपना पहला वेब ब्राउज़र इज़ाद किया। शुरू में वेब सर्विस का यूज़ करने के लिए पैसे लिए जाते थे। पर कुछ टाइम के बाद इसे सभी के लिए फ्री कर दिया गया।

इंटरनेट से जुडी कुछ रोचक बातें

इंटरनेट की दुनिया में बड़ा रेवोलुशन तब आया जब 1993 में ग्राफिकल ब्राउज़र का अविष्कार किया गया।

1995 तक इंटरनेट से लगभग 50 करोड़ लोग जुड़ चुके थे।पूरी दुनिया से।

इंटरनेट के शुरुवाती दौर इसका खामियाज़ा भी भुगतना पड़ा। 1994 में रूस में साइबर जुर्म की पहली वारदात हुई। जब सिटीबैंक से हैकिंग के द्वारा करोड़ो रूपए चुरा लिए गए। यह दुनिया की पहली साइबर चोरी थी।

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